फिर कभी ना आऊंगा - Urdu Shayari फिर कभी ना आऊंगा

फिर कभी ना आऊंगा


गिर के फिर उठा हूँ में
बादलो से फिर लडा हु में

दिल में आग है मेरे l
कुछ कर गुज़र ने निकला हू में

समज ना मुझको रेत तू
और पकड़ ना मुजे हाथ में

फिसल जाऊंगा हाथ से,
फिर हाथ तेरे ना  आउंगा

खुद को ढूंढने निकला हूं में
फिर कभी ना आऊंगा ....

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